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 प्रशासन की संयुक्त टीम ने किया क्रेशरों का निरीक्षण

प्रशासन की संयुक्त टीम ने किया क्रेशरों का निरीक्षण


आठ क्रेशरों को किया नोटिस जारी, निर्देशों का पालन न होने तक बंद रखे क्रेशर-सहायक खनिज अधिकारी
बक्स्वाहा। नगर में क्रेशर संचालकों द्वारा लगातार नियमों की धजियां उड़ाकर क्रेशर संचालक किये जा रहे है। जिसके विरोध में लगभग चार गांवों के लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर के समक्ष गुहार लगाई थी जिसे सभी समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद भी क्रेशर संचालकों के रवैये में सुधार न होने पर ग्राम पंचायत केरवारा द्वारा नोटिस जारी कर पानी का छिड़काव करने की बात कही थी। ग्राम पंचायत के नोटिस के बाद भी क्रेशर संचालकों के रवैये व कार्यशैली में कोई बदलाव नही आया और बेखौफ होकर क्रेशरों पर नियम की धज्जियां उड़ाते हुये काम जारी रखा।
आखिरकार कलेक्टर के निर्देश के बाद सहायक खनिज अधिकारी रामाकांत तिवारी व तहसीलदार भरत पाण्डेय ने अपनी टीम सहित सभी आठ क्रेशरों का निरीक्षण किया और सभी को नोटिस जारी करने के लिए कहा है। जब सहायक खनिज अधिकारी क्रेशरों का निरीक्षण कर रहे थे तब आठ क्रेशरों में से सिर्फ एक क्रेशर पर संचालक मौजूद थे। आलम ऐसा था कि खनिज अधिकारी की बात को कोई भी गंभीरता से नहीं ले रहा था।
निरीक्षण के दौरान खनिज अधिकारी ने पाया कि आठ क्रेशरों में से किसी भी क्रेशर की खदान पर बाउण्ड्रीबॉल नहीं है एक या दो क्रेशर को छोड़ कर किसी भी क्रेशर संचालक ने पेड़ पौधे नहीं लगाए हैं, पानी का छिड़काव भी नहीं हो रहा है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि मोटी रकम खनिज विभाग के अधिकारियों के पास जाती है इसलिए क्रेशर संचालकों को अधिकारियों का डर नहीं है। वहीं खनिज अधिकारी ने जांच करने के दौरान सीधा कहा कि जब तक नियमानुसार क्रेशर पर सभी बिन्दुओं पर काम नहीं होता तब तक क्रेशर बंद रखो।
कलेक्टर के निर्देश पर जांच तो हो गयी लेकिन क्रेशर संचालकों के रवैये को देखकर लगा नही कि उनके ऊपर इस जांच का कोई असर हुआ है। अब देखना रोचक होगा कि खनिज विभाग  तक को तब्जो न देने वाले क्रेशर संचालकों पर क्या कार्यवाही होती है। इस मामले में सहायक खनिज अधिकारी रमाकांत तिवारी ने बताया कि कलेक्टर  के निर्देश के बाद मौके पर पहुंच कर जांच की गयी है। सभी क्रेशरों को नोटिस जारी कर नियमो का पालन करने के निर्देश दिये गये हैं। क्रेशर संचालक जब तक नियमों को पूरा नही करते तब तक क्रेशरों को बंद रखने को कहा गया है।

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