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 वसूली करने में लगे चैक पोस्ट कैमाहा के अधिकारी और कर्मचारी

वसूली करने में लगे चैक पोस्ट कैमाहा के अधिकारी और कर्मचारी


160 रूपए की कम्प्यूटराईज रसीद पर सैकड़ों रूपए की लगा रहे लाल कलर की सील
छतरपुर। देश सहित पूरे प्रदेश में परिवहन चैक पोस्टों का संचालन हो रहा है। इन चैक पोस्टों से गुजरने वाले माल वाहक वाहनों को चैक किया जाता है। साथ ही इन माल वाहक वाहनों की तौल की जाती है। जो मालवाहक वाहन ओवर लोड होते है उन पर चालानी कार्रवाई की जाती है। लेकिन जिले के कैमाहा में बना चैक पोस्ट पर शासन के सभी नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। चैक पोस्ट पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारियों के द्वारा बड़े आराम से अवैध वसूली भी की जाती है। 

 


जब माल वाहक वाहन चैक पोस्ट कैमाहा पहुंचता है तो उसकी 40 रूपए से लेकर 160 रूपए तक की रसीद काटी जाती है। रसीद काटने के बाद वाहन चालक को साहब की फीस अदा करने के लिए उसी रसीद पर एक लाल रंग की सील अंकित की जाती है। इस लाल रंग की सील की फीस भी बडी निराली है। 40 रूपए की रसीद पर 300 रूपए, 80 रूपए की रसीद पर 600 रूपए और 160 रूपए की रसीद पर 1000 रूपए की सील लगाई जाती है। जबकी इस सील का रंग लाल और 2 नम्बर अंकित होता है। यह सील चैक पोस्ट कैमाहा के अधिकारी कर्मचारियों की वसूली की सील बताई जा रही है। 

 माल वाहक चालकों का आरोप है कि कम्प्यूटराईज रसीद पर 300 से लेकर 1000 रूपए की सील नहीं लगवाते है तो यहां से निकलने नहीं देते और मनमाने तरीके से कार्रवाई करने लगते है। जब यह सील रसीद पर अंकित करवा ली जाती है तो ओवर लोड वाहन को भी निकलने को मिल जाता है। जबकि चैक पोस्ट कैमाहा में हो रही वसूली की जानकारी जिला परिवहन अधिकारी को भी नहीं है।
कैसे होती माल वाहक वाहनों से वसूली-
रविवार की दोपहर 12:52 बजे माल वाहक वाहन टीएन 36 एएक्स 7648, ने जानकारी देते हुए बताया है कि हमारी गाड़ी में चैक पोस्ट कैमाहा तौल में 35 हजार किलो माल लदा हुआ है। जिसकी कम्प्यूटराईज रसीद 160 रूपए की काटी गई है। रसीद मिलने के बाद चैक पोस्ट ऑफिस में जाकर इसी रसीद पर लाल रंग की सील लगवाना पड़ती है। 160 रूपए की रसीद पर ऑफिस में एक हजार रूपए लेकर लाल रंग की सील लगा दी जाती है। इसी प्रकार रविवार की दोपहर 12:56 बजे माल वाहक वाहन एचआर 38 एसी 2147 के चालक ने बताया कि हमारी गाड़ी में 18500 किलो माल लदा हुआ है। जिसकी तौल और चैक करने के बाद कम्प्यूटराईज रसीद 80 रूपए की  काटी गई है। यह रसीद लेकर चैक पोस्ट के ऑफिस में एक काउंटर पर जाकर लाल रंग की सील लगवानी पड़ती है। सील लगवाने के ऐवज में 600 रूपए लिए गए है। जबकि रसीद करने के बाद कोई भी फीस लगने का प्रावधान नहीं है। इसी प्रकार माल वाहक वाहन यूपी 32 ईएन 3877 के चालक ने बताया कि रविवार की दोपहर 12:11 बजे माल लेकर निकल रहे थे। चैक पोस्ट कैमाहा में वाहन की जांच और तौल की गई। गाडी में लदा माल चैक पोस्ट की तौल के अनुसार 18500 किलोग्राम है। जिसकी रसीद 80 रूपए की काटी गई है। रसीद मिलने के वाद यहां से जाने नहीं दिया जाता है। जब तक  रसीद में लाल रंग की सील 600 रूपए देकर नहीं लग जाती है। रसीद पर सील लगाने की जो फीस वसूली जाती है उसकी कोई रसीद नहीं दी जाती है। जब लाल रंग की सील रसीद पर लग जाती है तब यहां से निकलने दिया जाता है।
हजारों की संख्या में गुजरते है माल वाहक वाहन-
चैक पोस्ट कैमाहा पर मौजूद एक युवक ने नाम न छापने की सर्त पर बताया कि सागर-कानपुर, लखनऊ मार्ग होने के कारण यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में माल वाहक वाहन गुजरते है। क्योंकि कानपुर, लखनऊ सहित अन्य महानगर इस रूठ पर पड़ते है जहां सबसे अधिक ट्रांसपोर्टिंग होती है। लेकिन गढ़ीमलहरा और महोबा के बीच संचालित हो रहा कैमाहा चैक पोस्ट पर इन वाहनों से बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की जाती है। अधिकतम वाहर के माल वाहक वाहन होने के कारण वह इस वसूली के शिकार होते है। जो लोकल का वाहन होता है उससे भी वसूली करने में पीछे नहीं रहते है। जिस वाहन चालक के द्वारा विरोध किया जाता है उसके वाहन में हजार कमिया निकाल दी जाती है और कार्रवाई करना शुरू कर दिया जाता है। इसलिए किसी भी माल वाहक वाहन के द्वारा आवाज नहीं उठाई जाती है और यहां से निकलने वाले हजारों की संख्या में माल वाहक वाहन इस अवैध वसूली के शिकार हो जाते है। कैमाहा चैक पोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा के संरक्षण में खुलेआम कर्मचारियों के द्वारा काउंटर लगाकर वसूली की जाती है। 300 रूपए से लेकर 1000 रूपए तक प्रति वाहन से वसूले जाते है।
इनका कहना है-
परिवहन से संबंधित जो भी चैक पोस्ट है वो जिला परिवहन अधिकारी के अंडर में ही आते है और इस पूरे मामले में आप कैमाहा चैक पोस्ट प्रभारी से बात कीजिए वो ही इस वारे में आपको जानकारी दे सकती हैं।
विक्रमजीत सिंह कंग, जिला परिवहन अधिकारी, छतरपुर

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