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मिट्टी मुरम खोदने वालों ने ग्रामीण क्षेत्र में बना दिए गहरे गड्डे

मिट्टी मुरम खोदने वालों ने ग्रामीण क्षेत्र में बना दिए गहरे गड्डे


खनन माफिया मुरम निकालने के लिए मनमर्जी से कही भी खुदाई कर रह,मिट्टी मुरम खोदने वालों ने ग्रामीण क्षेत्र में बना दिए गहरे गड्डे

हरपालपुर। जिले में पीएनसी कंपनी द्वारा गौचर जमीन अवैध खनन का मामला जिला कलेक्टर के जुर्माना लगाने के बाद सुर्खियों में तो दूसरी ओर जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र में खनिज व राजस्व विभाग की लापरवाही में चलते खनन माफिया जगह जगह मौत की खाई खोदने में लगे हैं। बारिश का दौर शुरू हो गया हैं। बारिश खोदी गई खाइयों में पानी भरना शुरू हो गया है। जलाशय भरेंगे तो जनहानि की घटनाएं भी होंगीं। ऐसी हादसे हर साल जिले भर में होते हैं। नगर के आसपास खनन माफियाओं ने 30 से 40 फीट गहरे गड्ढे खोद डाले। रात आठ बजे से खुदाई शुरू हो जाती है और सुबह पांच बजे तक चलती है।
पूरी रात नगर की सुनसान सड़कों पर सिर्फ और सिर्फ मुरम, मिट्टी  से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों की फरटि भरकर दौडऩे की आवाज गूंजती है। खनन माफियाओं द्वारा किए जा रहे गड्डों में बरसात का पानी भर जाने से आसपास की बस्तियों के बच्चों के गिरने की आशंका रहेगी। खास बात यह है कि खनन माफिया हर दिन औसत 200 ट्रॉली मुरम निकालकर बाजार में सप्लाई कर एक लाख का कारोबार कर रहे हैं। लेकिन शासन को एक पैसा नहीं मिल रहा है। गलान गॉव दो स्कूली छात्रों डूबने से हुई थी मौत, फिर भी प्रशासन बना उदासीन दो साल से नहीं हुई सख्त कार्रवाई।
खनन माफिया के सामने जिला प्रशासन से लेकर खनिज विभाग घुटने टेक चुका है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पिछले दो साल में एक भी खनन माफिया पर सख्ती से कार्रवाई नहीं हुई। न ही खनन रुका। खनन माफियाओं ने पहले रानीपुरा गॉव में राजस्व पहाड़ी की जमीन की खोदकर पांच से 10 फीट गहरे गड्ढे खोदकर करोड़ों रुपए की मुरम बेच डाली। जहाँ बालिका छात्रवास से बमुश्किल 20 मीटर की दूरी पर है। इसके बाद नगर से सटे हुए बरबई गांव में माफिया ने पहाड़ी खोद कर बेच रहे हैं।
यही हाल गलान की पहाड़ी जहाँ 100 फीट ऊंची थी और उसके अंदर रोड किनारे ही 50 से 60 फीट गहरे गड्डे हो गए। पहाड़ी किनारे ही आंगनबाड़ी केंद्र, राशन दुकान, माध्यमिक शाला हैं। वर्तमान में खनन माफिया चपरन गॉव रेल्वे लाइन क्रेशर के पास खुदाई कर रहे हैं। यहां क्रेशर के पास रेल्वे लाइन के दोहरीकरण में मिट्टी बेच रहे हैं। सरसेड़ चपरन माफिया ने इस तरह के गहरे गड्ढे कर दिए हैं।
सरसेड़ चपरन गॉव में  माफिया रात 8 बजे जेसीबी लेकर पहुंचते हैं। दो से तीन जेसीबी खुदाई करती हैं। लगभग 50 ट्रैक्टर ट्रॉलियों से नगर में मुरम सप्लाई की जाती है। एक ट्रॉली मुरम की कीमत 700 से 800 रुपए है। यह मुरम प्लॉटों के पुरावों में सबसे ज्यादा उपयोग लाई जा रही है। पूरी रात नगर में मुरम सप्लाई करने वाले ट्रैक्टर ट्रॉलियों की आवाज गूंजती है। माफिया स्थानीय अधिकारियों से सांठ गांठ कर पूरी रात खनन करते हैं।
इनका कहना है
अवैध खनन की जाँच के लिए राजस्व टीम को मौके पर भेज कर जांच करवाती हूँ।
मिशा माधवनी, एसडीएम, नौगांव


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