अलीपुरा। सेवा सहकारी समिति में यूरिया खाद पहुंचते ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन वितरण शुरू होते ही हंगामा मच गया। पैसे जमा करने के बाद भी कई किसानों को डिफॉल्टर की सूची में रखा गया, जिससे विवाद बढ़ गया और खाद वितरण कार्य पूरी तरह बंद हो गया। किसानों ने समिति प्रबंधक का घेराव कर हिसाब मांगा, जबकि जिला समिति के महाप्रबंधक ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तीन दिनों में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंगलवार को अलीपुर सेवा सहकारी समिति में एनपीके यूरिया खाद पहुंचते ही किसानों की भीड़ लग गई, लेकिन वितरण के दौरान हंगामा हो गया। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने पैसे जमा कर दिए थे, फिर भी उन्हें डिफॉल्टर की सूची में रखा गया, जिससे वे खाद नहीं ले पाए। इससे नाराज किसानों ने समिति प्रबंधक का घेराव किया और नोकझोंक की स्थिति बन गई। किसानों का कहना था कि जब तक उनके जमा पैसे का हिसाब नहीं हो जाता और खाद नहीं मिल जाती, तब तक वितरण कार्य नहीं होने देंगे। समिति प्रबंधक ने बताया कि पूर्व प्रबंधक द्वारा किसानों के पैसे को बचत बैंक में खर्च कर दिया गया था, जिससे यह स्थिति पैदा हुई। जिला समिति के महाप्रबंधक प्रमोद तिवारी ने कहा कि जिन किसानों का पैसा जमा होने के बावजूद हरपालपुर जिला सहकारी बैंक ने उन्हें डिफॉल्टर श्रेणी में रखा है, वे सूची बनाकर जिला कार्यालय भेजें। तीन दिनों के अंदर कार्रवाई कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने सहकारी समितियों में पारदर्शिता और वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

