छतरपुर। नौगांव निवासी प्रमोद कुमार तिवारी ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट, प्रताडऩा और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। प्रमोद का कहना है कि नौगांव थाने में दर्ज 227 ग्राम सोने की चोरी के मामले में पुलिस ने पूरा माल बरामद किया था, लेकिन उन्हें कथित तौर पर आधा माल ही वापस देने का प्रयास किया गया। इसी मामले में अपना पक्ष रखने और शिकायत करने वे आईजी से मिलने पहुंचे थे।
पीडि़त के अनुसार, आईजी से मिलने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और मिलने से रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद सीएसपी अरुण सोनी, पुलिसकर्मी रुपेश सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की तथा जबरन वाहन में बैठाया। प्रमोद ने पत्नी के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने और चुप रहने के लिए धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।वहीं पुलिस का कहना है कि आईजी के निरीक्षण के दौरान प्रमोद तिवारी उपद्रव कर रहे थे। पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर उन्होंने गाली-गलौज की और आरक्षक राजू वर्मा के हाथ में दांत से काट लिया। पुलिस के अनुसार, प्रमोद ने खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी किया। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उनका मेडिकल परीक्षण कराया और उन्हें जेल भेज दिया।
एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि प्रमोद तिवारी ने पिछले वर्ष नौगांव थाने में चोरी का प्रकरण दर्ज कराया था। विवेचना से असंतुष्ट होने पर उनके अनुरोध पर समय-समय पर विवेचक बदले गए और वर्तमान में अनुभाग के बाहर के विवेचक से जांच कराई जा रही है। चोरी के माल को पुलिसकर्मियों द्वारा हड़पने के आरोप की एएसपी स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें आरोप असिद्ध पाए गए। एसपी के अनुसार, प्रमोद द्वारा दोबारा खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया और इस दौरान दो पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं, जिसके चलते उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

